Posts

कविता: अब क्या लिखू

अब क्या लिखू दरकती दीवारों से झांकती बचपन की यादें सूखे नीम के पेड़ पर लटका झूला जिस पर शायद ही कोई झूले और आसमान को छूले नुक्कड़ पर खड़े पोस्ट बाक्स पर लटका ताला शायद उमीदों पर भी अब ऐसे ही तालों में बंद है चूल्हे से निकलता धुंआ अब इशारा करता है की पेट की आग पर पानी पड़ चुका है सपने में सूख चुका है उमीदों का समुन्दर खुशियाँ गली में फिरती और गम दिलों के अन्दर अब क्या लिखू अब क्या लिखू । रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

दो करोड़ साठ लाख भारतीय विदेशों मे

जी हाँ करीब दो करोड़ साठ लाख भारतीय यूरोप, एशिया, और अफ्रीका के विभिन्न देशों मे रह रहे है, और अपने बुद्धि और कुशलता से वहा कि अर्थव्यवस्था मे अपना योगदान दे रहें है। भारत के कुशल और बुद्धिमान व्यक्तियों ने विदेशो मे भारत का खूब नाम रोशन किया है। इक्कीसवीं सदी मे पूरे विश्व कि निगाह भारत पर है । आईये देखे भारतीयों कि जनसँख्या विदेशों मे :- 39,50,000 भारतीय एशिया मे है 47,00,000 भारतीय यूरोप मे व् 6,00,000 भारतीय अफ्रीका मे है । विभिन्न देशों मे भारतीयों कि संख्या इस प्रकार है : अमेरिका : 19 लाख आस्ट्रेलिया : 2 लाख 30 हज़ार ब्रिटेन : 1 लाख 60 हज़ार जर्मनी : 80 हज़ार फ्रांस : 75 हज़ार इटली : 71 हज़ार रूस : 16 हज़ार #अमेरिका मे कुल आबादी मे से सिर्फ़ ३ % आबादी भारतियों कि है लेकिन अमेरिका कि अर्थव्यवस्था और विकास मे करीब ५०% योगदान भारतियों का है । #अमेरिका मे 38% डाक्टर भारतीय मूल के है। #36% भारतीय वैज्ञानिक नासा मे है। #आई टी के क्षेत्र मे 12% वैज्ञानिक भारतीय है। #अमेरिका कि कुल समूह जातियों मे भारतीयों मे सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता है। कुल भारतीयों मे 67% भारतीयों के पास स्नातक या उ...

कविता : तपिश ( Poem by Ravi Prakash Keshri)

आज सूरज अपने रुबाब पर था आसमान को आग सा दहका रहा था ! दिहारी के लिए तैयार हो रही बजंता ने एक और फेंट अपने सिर पर बांधी ताकि सिर को और सिर पर पड़े बोझ को अच्छी तरह से निभा सके ! सामने पड़े दुधमुहे बच्चे की आवाज को दरकिनार कर निकल पड़ी मजदूरी पर बिना तपिश की परवाह किए क्योंकि पेट की तपिश सूरज की तपिश से ज्यादा होती है ! रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

छत्तीसगढ़ की पाँच दिवसीय दीपावली

छत्तीसगढ़ मै पाँच दिन तक चलने वाले इस त्यौहार का आरम्भ धनतेरस यानि धन्वन्तरी त्रयोदस से होता है । मान्यता है की इस दिन भगवान् धन्वन्तरी अपने हाँथ में अमृत कलश लिए प्रकट हुए थे। समुद्र मंथन में जो चौदह रत्न निकले थे, भगवान् धन्वन्तरी उनमे से एक है। वे आरोग्य और समृद्धि के देव है । स्वास्थ्य और सफाई से इनका गहरा सम्बन्ध होता है। इसलिए इस दिन सभी अपने घरों की सफाई करते है और लक्ष्मी जी के आगमन की तयारी करतें है। इस दिन लोग यथाशक्ति सोना- चांदी और बर्तन इत्यादि खरीदते है। दूसरे दिन कृष्ण चतुर्दशी होता है। इस दिन को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान् श्रीकृष्ण नरकासुर का वध करके, उनकी क़ैद से हजारों राजकुमारियों को मुक्ति दिलाकर उनके जीवन में उजाला किए थे। राजकुमारियों ने इस दिन दीपों की श्रृंख्ला जलाकर, अपने जीवन में खुशियों को समाहित किया था। तीसरे दिन आता है दीपावली । दीपों का त्यौहार..... लक्ष्मी पूजन का त्यौहार। असत्य पर सत्य की, अन्धकार पर प्रकाश की, और अधर्म पर धर्म की विजय का त्यौहार है दीपावली। इस त्यौहार को मनाने के पीछे अनेक लोक मान्यताएं जुड़ी हुई है। भगवान् श्रीर...

कविता : कंदीलों से सजी गलियां

कंदीलों से सजी गलियां चमके हर आँगन घर द्वार मन की खुशियाँ नभ से ऊँची आया दीपों का त्यौहार झिलमिल करती फुलझरियां लम्बी लड़ी चटाई की तरह तरह के बने पकवान थाली भरी मिठाई की पूजन करके भगवन का आओ मिलके खुशी मनाये जीवन की कारा मिट जाए मन में ऐसा दीप जलाये रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

भारतीय संस्कृति की कुछ जानकारियाँ

भारतीय संस्कृति की कुछ जानकारियाँ : हमे गर्व है कि हम भारतीय है। भारत की गौरवपूर्ण संस्कृति ने पूरे विश्व में अपना एक अलग स्थान बनाया है। आईये एक नज़र डालते है भारतीय संस्कृति की कुछ रोचक जानकारियों पर ... चार वेद : ऋग्वेद, सामवेद, अर्थवेद, यजुर्वेद, । छः शास्त्र : वेदांग, सांख्य, योग, निरुक्त, व्याकरण, छंद । सात नदियाँ : गंगा, जमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिन्धु, कावेरी । अट्ठारह पुराण : गरुण पुराण, भागवत पुराण, हरिवंश पुराण, भविष्य पुराण, लिंग पुराण, पद्मा पुराण, बावन पुराण, कूर्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, मत्स्य पुराण, स्कन्द पुराण, ब्रह्म पुराण, नारद पुराण, कल्कि पुराण, अग्नि पुराण, शिव पुराण, विष्णु पुराण, वराह पुराण। पंचामृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर । पाँच तत्व : पृथ्वी, जल, वायु, आकाश, अग्नि । तीन गुण : सतोगुण, रजोगुण, तमोगुण । तीन दोष : वात, पित्त, कफ । तीन लोक : आकाश, पाताल, मृत्युलोक । सात सागर : क्षीर सागर, दुधी सागर, घृत सागर, पयान सागर, मधु सागर, मदिरा सागर, लहू सागर । सात द्वीप : जम्बू द्वीप, पलक्ष द्वीप, कुश द्वीप, शाल्माली द्वीप...

निवेश और बीमे को अलग रखने मे ही समझदारी है

हर इंसान अपने भविष्य की अनदेखी आर्थिक मुसीबत के लिए अपनी कमी का एक हिस्सा बचाता है और उसे निवेश करता है ताकि उसकी बचाई हुई रकम मे वृद्धि हो। इसके लिए बहुत से विकल्प होतें हैं जैसे बैंक फिक्सड डिपॉजिट, बैंक बचत खाता, म्यूचुअल फंड, शेयर मार्केट मे निवेश, पी पी ऍफ़ इत्यादी। घर का कमाने वाला मुखिया जिसकी आय पर सारा परिवार आश्रित रहता है उसके लिए अपने जीवन का बीमा करना बहुत महत्पूर्ण और आवश्यक होता है । जीवन बीमा भविष्य मे बीमित व्यक्ति के ना होने पर परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है । इसके लिए विभिन्न बीमा कंपनियाँ तरह तरह के उत्पाद बनाती है जिसमे अलग अलग तरह के लोगों के लिए अलग विशेषताएं होती है। जैसे बच्चों के उज्जवल भविष्य की बीमा योजना, पेंशन योजना, आजीवन बीमा इत्यादी। निजी जीवन बीमा कम्पनियों के भारत मे प्रवेश के बाद से रोजाना नए नए बीमा उत्पाद बाज़ार मे आ रहे है। पर अधिकतर जीवन बीमा कम्पनियों ने अपनी सकल प्रीमियम आय को बढ़ाने के लिए बीमा और निवेश दोनों को मिला कर एक नया उत्पाद ' यूलिप' निकाल दिया है जिसमे बीमा की सुरक्षा के साथ प्रीमियम का हिस्सा चुने हुए फंड मे निवेश ...