बच्चों की मनोरंजक पत्रिका 'चम्पक' पढ़े फ्री ऑनलाइन
मुझे याद है अपने बचपन के दिन जब चम्पक जैसी पत्रिका के नए अंक का बेसब्री से इंतज़ार होता था और जैसे ही पत्रिका हाँथ आती थी बस अगले एक दो दिन बस कहानिओं मे ही डूबे रहते थे। सच माने तो नंदन, चम्पक और चंदामामा जैसी पत्रिकाओं को पढ़ते हुए बचपन कि यादें आज भी तारो ताज़ा है। आज भी अगर हाथ लग जाए तो बचों कि कहानिया पढने मे बचपन याद आ जाता है। अब आजकल के इन्टरनेट के ज़माने मे बचों के लायक तो बहुत कुछ है पर फ़िर भी चम्पक जैसी पत्रिका की बात ही कुछ और है। चलिए बच्चों के लिए एक खुशखबरी कि अब वे चम्पक के नए व् पुराने अंक ऑनलाइन फ्री मे इन्टरनेट पार पढ़ सकतें है बिल्कुल पत्रिका जैसा मज़ा और न फटने का डर न किसी के ले जाने का। मेरे ज़माने मे तो दोस्त भी मांग कर पढ़ते थे और अक्सर वापस ही नही करते थे। अब इस झंझट से भी छुटकारा। तो बच्चों ऑनलाइन फ्री चम्पक कि मजेदार कहानियाँ पढ़े और आनंद ले... ये रहा लिंक >>चम्पक पढ़े फ्री ऑनलाइन >>