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वाराणसी मे केसरवानी होली मिलन समारोह

मित्रों आगामी १५ मार्च २००९ को जैन धर्मशाला, मैदागिन, वाराणसी मे सायंकाल ५ बजे से होली मिलन एवम शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम कि विस्तृत विवरण निम्न है- रंगारंग होलियाना गीत - गायक - महेंद्र मिश्रा एवं मनोज तिवारी मुख्य अतिथि - माननीय नन्द गोपाल गुप्ता , ( नंदी ) प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री , उत्तर प्रदेश सरकार । विशिष्ट अतिथि - श्री अरुण गुप्ता , ( प्रदेश अध्यक्ष) अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य सभा , एवं श्री अनिल केशरी ( केशरी फिल्लिंग ) वाराणसी । संरक्षक : अजय केशरी ( राष्ट्रीय महामंत्री ) संजय केशरी ( प्रदेश महामंत्री ) सुनील केशरवानी ' राना ' ( प्रदेश संगठन मंत्री ) बबलू मामा ( प्रदेश मंत्री ) कार्यक्रम संयोजक - आत्म विशेश्वर , गोपाल गुरु , राजेश केशरी , महेंद्र दरीबा , सुरेश केशरी , विजय , संदीप केशरी ( सोनू ), नागेश केशरी अध्यक्ष विजय केशरी वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र केशरी महामंत्री लल्ली चौधरी कोषाध्यक्ष संतोष केशरी हंसो हंसो , मौज मनाओ , साथ मे बनारसी ठंडाई एवं चकाचक रात्रि भोज के साथ म...

होली ज़रूर खेले पर रखे इसका ध्यान

"होली" मतलब मस्ती, रंग, पिचकारी, हुडदंग, गुझिया और पकवान। बस कुछ ही दिनों बाद ११ मार्च २००९ को भारत का एक प्रमुख पर्व होली मनाई जायेगी। यह एक ऐसा त्यौहार है जिसमे लोग आपस के बैर भाव भुलाकर मस्ती के एक ही रंग मे रंग जाते है। मस्ती मे झूमते रंग बिरंगे चेहरों मे घुमते नाचते गाते लोगों कि टोलियाँ, लाल पीला हरा गुलाबी हवा मे उड़ता गुलाल, और बच्चे? तो पूछिए मत! पिचकारी और रंग लिए एक दूसरे के पीछे दौड़ते भागते दिखायी देते है। होली है ही ऐसा त्यौहार जो हमे सिखाता है कि हम अमीरी गरीबी, धर्म और जाति के भेद भाव से ऊपर उठकर एक रंग मे रंग जाए। कुछ लोग तो होली का बेसब्री से इंतज़ार करते है और खूब मस्ती करते है और कुछ लोग तो रंगों के डर से घर से बाहर ही नही निकलते है। कुछ को गुलाल से होली खेलना पसंद आता है तो किसी को रंग से भरी पिचकारी से। भारत के अलग अलग प्रान्तों मे होली खेलने के अलग अलग ढंग है। ब्रज कि जहाँ लट्ठमार होली प्रसिद्ध है तो कहीं फूलों कि होली। कहीं कहीं तो सप्ताह भर तक होली खेली जाती है। पर सबका एक ही मकसद, भूल जाए सारे भेदभाव और डूब जाए मस्ती और प्रेम के रंग मे। होली मस्ती ...