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Showing posts from December, 2008

बच्चों की मनोरंजक पत्रिका 'चम्पक' पढ़े फ्री ऑनलाइन

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मुझे याद है अपने बचपन के दिन जब चम्पक जैसी पत्रिका के नए अंक का बेसब्री से इंतज़ार होता था और जैसे ही पत्रिका हाँथ आती थी बस अगले एक दो दिन बस कहानिओं मे ही डूबे रहते थे। सच माने तो नंदन, चम्पक और चंदामामा जैसी पत्रिकाओं को पढ़ते हुए बचपन कि यादें आज भी तारो ताज़ा है। आज भी अगर हाथ लग जाए तो बचों कि कहानिया पढने मे बचपन याद आ जाता है। अब आजकल के इन्टरनेट के ज़माने मे बचों के लायक तो बहुत कुछ है पर फ़िर भी चम्पक जैसी पत्रिका की बात ही कुछ और है। चलिए बच्चों के लिए एक खुशखबरी कि अब वे चम्पक के नए व् पुराने अंक ऑनलाइन फ्री मे इन्टरनेट पार पढ़ सकतें है बिल्कुल पत्रिका जैसा मज़ा और न फटने का डर न किसी के ले जाने का। मेरे ज़माने मे तो दोस्त भी मांग कर पढ़ते थे और अक्सर वापस ही नही करते थे। अब इस झंझट से भी छुटकारा। तो बच्चों ऑनलाइन फ्री चम्पक कि मजेदार कहानियाँ पढ़े और आनंद ले... ये रहा लिंक >>चम्पक पढ़े फ्री ऑनलाइन >>

कविता: नया विहान

देखो नया विहान हो गया चंदा का अवसान हो गया सूरज चमका नई चमक से नए साल का निर्माण हो गया ! बढ़ते कटुता के दौर में लोगों का इमान खो गया बची खुची मानवता से खुश फ़िर से देखो इंसान हो गया ! प्रकृति के सुंदर फूलों से सृष्टी का परिधान हो गया मिल बैठ कर बतियाने से संकट का समाधान हो गया ! नव वर्ष की शुभ बेला में देखो मंगलगान हो गया हँसी खुशी के नए दौर में मानव पुनः महान हो गया ! - रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

कविता: सर्दी

सर्दी की कुनकुनी धूप छत पर उतर आई है कुहासे के चादर से ढकी अलसाई सुबह शरमाई है ! पंखुडी पर टिकी ओस जमीं से मिलने को तैयार है अधूरे ख्वाबों की राह में उम्मीद की किरण ज्यादा है ! सर्द हवा हौले -हौले मन में सिहरन फैलाती है कुहासे की तरह अपना विस्तार फैलाती है - रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

कविता: संस्कार

हर व्यक्ति का अपना आसमान होता है चलने के लिए ज़मीन पर छूने के लिए वह आसमान ही चाहता है आसमान ऊंचा होता है व्यक्ति बौना ही रह जाता है आकाश की ऊँचाई को छूना हर एक के लिए सम्भव भी कहाँ होता है , किंतु व्यक्ति होता है अपने संस्कारों का दास इसलिए अपनी बुनियादी पहचान पाने के लिए वह शून्य मै छलाँग लगाता है आकाश की बुलंदी को छूकर अपने पाँव धरती पर और मजबूती से जमा लेता है । लेखक: नवीन केसरवानी नॉएडा

Kesarwani Matrimonial: Saurabh Kesarwani

Name: Saurabh Kesarwani Date Of Birth: June 18, 1983 Height: 5 Foot 4 Inch Educational Qualification: Bachelor's in Technology Current Occupation: Working in U.S.A. based Software Company Father's Name: Shri O. P. Kesarwani E-mail: saurabh.gnitian@gmail.com MobileNo (India) : 91- 9849244310

बाल कविता: आशा

आशा चली स्कूल पढ़ने बढ़ने के वास्ते अक्षर अक्षर जोड़ने से खुलेंगे सफलता के रास्ते लिए हाथ में कलम बढेगी हरदम आगे पढने लिखने से बदलेगी जीवन की हर परिभाषा ज्ञान भरी किताबों में छुपें हैं जीवन के संदेश पढ़ने लिखने से आशा घूम सकेगी देश विदेश -रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

नव विवाहित युगल: तृप्ति एवं मयंक

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छत्तीसगढ़ के श्री अश्विनी केसरवानी, जो की केसरवानी सभा छत्तीसगढ़ के निवर्तमान अध्यक्ष रह चुके है उनकी सुपुत्री सुश्री तृप्ति का विवाह गत २ दिसम्बर को श्री मयंक के साथ धूम धाम से संपन्न हुआ और दोनों परिणयसूत्र मै बाँध गए। केसरवानी समाज की ऑनलाइन पत्रिका के सम्पादक, लेखकगण एवं पाठकों की ओर से नवविवाहित दंपत्ति को हार्दिक शुभकामनाएं । हमारी शुभकामनाएं है की नवविवाहित दंपत्ति आजीवन सुखमय जीवन व्यतीत करें। (सम्पादक: विवेक केसरवानी)

श्री केसरवानी वैश्य सभा लखनऊ कि वर्तमान कार्यकारणी

श्री केसरवानी वैश्य सभा , लखनऊ की वर्तमान कार्यकारणी कार्यालय :- ४१/५७१, लाला हीरा लाल केसरवानी धर्मशाला, नरही, लखनऊ सभापति श्री घनश्याम केसरवानी, सदर, लखनऊ उपसभापति श्री शेष कुमार सर्राफ, आलमबाग, लखनऊ श्री पुष्कर केसरवानी,सर्राफ, लखनऊ श्री पवन कुमार केसरवानी सर्राफ श्री मुकेश केसरवानी मंत्री श्री मंसूरी लाल केसरवानी सहमंत्री अमर नाथ केसरवानी, (पानीघर), सदर कोषाध्यक्ष एवं संगठन मंत्री प्रकाश वैश्य प्रचार मंत्री दयाशंकर गुप्ता संपादक ' निशांत ' पत्रिका रामचंद्र गुप्ता धर्मशाला मंत्री सुनील कुमार केसरवानी आय व्यय निरीक्षक जवाहर लाल केसरवानी

केसरवानी सम्मलेन - केसरवानी समाज को उत्तर प्रदेश मे पिछड़ा वर्ग मे सम्मिलित करने हेतु

ज्ञात हो कि केसरवानी समाज कि स्तिथि भारत मे अभी काफ़ी पिछडी है और बिहार आदि राज्य मे इसे पिछड़ा वर्ग मे सम्मिलित किया जा चुका है लेकिन उत्तर प्रदेश मे स्तिथि भिन्न है । केसरवानी वैश्य समाज को उत्तर प्रदेश मे पिछड़ा वर्ग मे सम्मिलित कराने के लिए प्रयास कई वर्षों से होता रहा है। इस सम्बन्ध मे केसरवानी वैश्य आरक्षण समिति, इलाहबाद के अनुसार १४ दिसम्बर दिन रविवार को अपराह्न १२:३० बजे केसरवानी समाज का वृहद् सम्मलेन, सहकारिता भवन, विधान सभा मार्ग, लखनऊ मे आयोजित किया गया है। सम्मलेन मे श्री स्वामी प्रसाद मौर्या, प्रांतीय अध्यक्ष, बसपा, मुख्या अतिथि तथा माननीय नन्द गोपाल गुप्ता (नन्दी जी) मंत्री, स्टाम्प शुल्क, उत्तर प्रदेश शासन, वशिष्ट अतिथि होंगे। (सूचना - केसरवानी वैश्य सभा के पत्रांक दिनांक ०५ दिसम्बर, २००८ से )

कविता: आतंक के ज़ख्म

आतंक के जख्म अब तक हरे है हम अभी तक गुस्से से भरे है ताज का हमला सीधे दिल पर हुआ है आतंक कब किसी मजहब से जुडा है सीने को चीरती गोली अब तक नसों में फंसी है देख हमारी बुजदिली दुनिया हम पर हँसी है आतंक के जख्म अब तक हरे है हम अब भी गुस्से से भरे है कब तक हम अच्छाई की माला जपेंगे यह सच से डरे लोग हमें यूं ही बर्बाद करेंगे आतंक के जख्म अब तक हरे है हम अभी तक गुस्से से भरे है अगर अब भी हम नींद से नही उठेंगे तो ये यकीनन हमें हाशिये पर कर देंगे आतंक के जख्म अब तक हरे है हम अभी तक गुस्से से भरे है आओ हम भारत के जख्म को मरहम लगायें चाँद आंसू शहीदों और नफरत नेता वास्ते जगाये क्यों की आतंक के जख्म अब तक हरे है हम अभी तक गुस्से से भरे है लेखक - रवि प्रकाश केशरी वाराणसी