रवि प्रकाश केशरी की कविता - शब्द

शब्द होते है
पढने के लिए
शब्द होते है
गढ़ने के लिए
शब्द सीमा में
बांधे नही जाते
शब्द होठो से कहे नही जाते
शब्द अभूझपहेली है
शब्द तेरी मेरी
सहेली है

रवि प्रकाश केशरी
वाराणसी

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