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Showing posts from October, 2008

दो करोड़ साठ लाख भारतीय विदेशों मे

जी हाँ करीब दो करोड़ साठ लाख भारतीय यूरोप, एशिया, और अफ्रीका के विभिन्न देशों मे रह रहे है, और अपने बुद्धि और कुशलता से वहा कि अर्थव्यवस्था मे अपना योगदान दे रहें है। भारत के कुशल और बुद्धिमान व्यक्तियों ने विदेशो मे भारत का खूब नाम रोशन किया है। इक्कीसवीं सदी मे पूरे विश्व कि निगाह भारत पर है । आईये देखे भारतीयों कि जनसँख्या विदेशों मे :- 39,50,000 भारतीय एशिया मे है 47,00,000 भारतीय यूरोप मे व् 6,00,000 भारतीय अफ्रीका मे है । विभिन्न देशों मे भारतीयों कि संख्या इस प्रकार है : अमेरिका : 19 लाख आस्ट्रेलिया : 2 लाख 30 हज़ार ब्रिटेन : 1 लाख 60 हज़ार जर्मनी : 80 हज़ार फ्रांस : 75 हज़ार इटली : 71 हज़ार रूस : 16 हज़ार #अमेरिका मे कुल आबादी मे से सिर्फ़ ३ % आबादी भारतियों कि है लेकिन अमेरिका कि अर्थव्यवस्था और विकास मे करीब ५०% योगदान भारतियों का है । #अमेरिका मे 38% डाक्टर भारतीय मूल के है। #36% भारतीय वैज्ञानिक नासा मे है। #आई टी के क्षेत्र मे 12% वैज्ञानिक भारतीय है। #अमेरिका कि कुल समूह जातियों मे भारतीयों मे सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता है। कुल भारतीयों मे 67% भारतीयों के पास स्नातक या उ...

कविता : तपिश ( Poem by Ravi Prakash Keshri)

आज सूरज अपने रुबाब पर था आसमान को आग सा दहका रहा था ! दिहारी के लिए तैयार हो रही बजंता ने एक और फेंट अपने सिर पर बांधी ताकि सिर को और सिर पर पड़े बोझ को अच्छी तरह से निभा सके ! सामने पड़े दुधमुहे बच्चे की आवाज को दरकिनार कर निकल पड़ी मजदूरी पर बिना तपिश की परवाह किए क्योंकि पेट की तपिश सूरज की तपिश से ज्यादा होती है ! रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

छत्तीसगढ़ की पाँच दिवसीय दीपावली

छत्तीसगढ़ मै पाँच दिन तक चलने वाले इस त्यौहार का आरम्भ धनतेरस यानि धन्वन्तरी त्रयोदस से होता है । मान्यता है की इस दिन भगवान् धन्वन्तरी अपने हाँथ में अमृत कलश लिए प्रकट हुए थे। समुद्र मंथन में जो चौदह रत्न निकले थे, भगवान् धन्वन्तरी उनमे से एक है। वे आरोग्य और समृद्धि के देव है । स्वास्थ्य और सफाई से इनका गहरा सम्बन्ध होता है। इसलिए इस दिन सभी अपने घरों की सफाई करते है और लक्ष्मी जी के आगमन की तयारी करतें है। इस दिन लोग यथाशक्ति सोना- चांदी और बर्तन इत्यादि खरीदते है। दूसरे दिन कृष्ण चतुर्दशी होता है। इस दिन को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान् श्रीकृष्ण नरकासुर का वध करके, उनकी क़ैद से हजारों राजकुमारियों को मुक्ति दिलाकर उनके जीवन में उजाला किए थे। राजकुमारियों ने इस दिन दीपों की श्रृंख्ला जलाकर, अपने जीवन में खुशियों को समाहित किया था। तीसरे दिन आता है दीपावली । दीपों का त्यौहार..... लक्ष्मी पूजन का त्यौहार। असत्य पर सत्य की, अन्धकार पर प्रकाश की, और अधर्म पर धर्म की विजय का त्यौहार है दीपावली। इस त्यौहार को मनाने के पीछे अनेक लोक मान्यताएं जुड़ी हुई है। भगवान् श्रीर...

कविता : कंदीलों से सजी गलियां

कंदीलों से सजी गलियां चमके हर आँगन घर द्वार मन की खुशियाँ नभ से ऊँची आया दीपों का त्यौहार झिलमिल करती फुलझरियां लम्बी लड़ी चटाई की तरह तरह के बने पकवान थाली भरी मिठाई की पूजन करके भगवन का आओ मिलके खुशी मनाये जीवन की कारा मिट जाए मन में ऐसा दीप जलाये रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

भारतीय संस्कृति की कुछ जानकारियाँ

भारतीय संस्कृति की कुछ जानकारियाँ : हमे गर्व है कि हम भारतीय है। भारत की गौरवपूर्ण संस्कृति ने पूरे विश्व में अपना एक अलग स्थान बनाया है। आईये एक नज़र डालते है भारतीय संस्कृति की कुछ रोचक जानकारियों पर ... चार वेद : ऋग्वेद, सामवेद, अर्थवेद, यजुर्वेद, । छः शास्त्र : वेदांग, सांख्य, योग, निरुक्त, व्याकरण, छंद । सात नदियाँ : गंगा, जमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिन्धु, कावेरी । अट्ठारह पुराण : गरुण पुराण, भागवत पुराण, हरिवंश पुराण, भविष्य पुराण, लिंग पुराण, पद्मा पुराण, बावन पुराण, कूर्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, मत्स्य पुराण, स्कन्द पुराण, ब्रह्म पुराण, नारद पुराण, कल्कि पुराण, अग्नि पुराण, शिव पुराण, विष्णु पुराण, वराह पुराण। पंचामृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर । पाँच तत्व : पृथ्वी, जल, वायु, आकाश, अग्नि । तीन गुण : सतोगुण, रजोगुण, तमोगुण । तीन दोष : वात, पित्त, कफ । तीन लोक : आकाश, पाताल, मृत्युलोक । सात सागर : क्षीर सागर, दुधी सागर, घृत सागर, पयान सागर, मधु सागर, मदिरा सागर, लहू सागर । सात द्वीप : जम्बू द्वीप, पलक्ष द्वीप, कुश द्वीप, शाल्माली द्वीप...

निवेश और बीमे को अलग रखने मे ही समझदारी है

हर इंसान अपने भविष्य की अनदेखी आर्थिक मुसीबत के लिए अपनी कमी का एक हिस्सा बचाता है और उसे निवेश करता है ताकि उसकी बचाई हुई रकम मे वृद्धि हो। इसके लिए बहुत से विकल्प होतें हैं जैसे बैंक फिक्सड डिपॉजिट, बैंक बचत खाता, म्यूचुअल फंड, शेयर मार्केट मे निवेश, पी पी ऍफ़ इत्यादी। घर का कमाने वाला मुखिया जिसकी आय पर सारा परिवार आश्रित रहता है उसके लिए अपने जीवन का बीमा करना बहुत महत्पूर्ण और आवश्यक होता है । जीवन बीमा भविष्य मे बीमित व्यक्ति के ना होने पर परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है । इसके लिए विभिन्न बीमा कंपनियाँ तरह तरह के उत्पाद बनाती है जिसमे अलग अलग तरह के लोगों के लिए अलग विशेषताएं होती है। जैसे बच्चों के उज्जवल भविष्य की बीमा योजना, पेंशन योजना, आजीवन बीमा इत्यादी। निजी जीवन बीमा कम्पनियों के भारत मे प्रवेश के बाद से रोजाना नए नए बीमा उत्पाद बाज़ार मे आ रहे है। पर अधिकतर जीवन बीमा कम्पनियों ने अपनी सकल प्रीमियम आय को बढ़ाने के लिए बीमा और निवेश दोनों को मिला कर एक नया उत्पाद ' यूलिप' निकाल दिया है जिसमे बीमा की सुरक्षा के साथ प्रीमियम का हिस्सा चुने हुए फंड मे निवेश ...

रवि प्रकाश केशरी की कविता - शब्द

शब्द होते है पढने के लिए शब्द होते है गढ़ने के लिए शब्द सीमा में बांधे नही जाते शब्द होठो से कहे नही जाते शब्द अभूझपहेली है शब्द तेरी मेरी सहेली है रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

रवि प्रकाश केशरी की कविता: "दूरियां "

दूरिया छोटी फासले बड़े हो गए वास्तव में हम बड़े हो गए, घट गई देह से देह की दूरी दिलो के रिश्ते दूर हो गए, आसमान की खवाहिश में हम अरमानो के लाशो पर खड़े हो गए, जिंदगी की चाहत में हम मौत के करीब होते हो गए, आधुनिकता के दौर में सभ्यता हार गई और हम फिर नग्न हो गए, वास्तव में हम बड़े हो गये ! रवि प्रकाश केशरी वाराणसी

करवा चौथ: पति की लम्बी उम्र के लिए प्राचीन महत्वपूर्ण व्रत

कल पूरे भारत मे महिलाओं का एक महत्वपूर्ण व्रत करवा चौथ मनाया जाएगा । कार्तिक मॉस के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाये जान के कारण ही इसका नाम " करवा चौथ " हैं । यह व्रत अति प्राचीन है और कहा जाता है कि महाभारत के पूर्व भी इसका चलन था । सामान्य मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग ( पति ) की दीर्घायु के लिए इस व्रत को रखती हैं । यह भी कहा जाता है पांडवों की पत्नी द्रौपदी ने भी इस व्रत को किया था । यह व्रत सुहागिन स्त्रियों के लिए बहुत ही श्रेष्ठ माना गया है । इस दिन स्त्रियाँ निराजल व्रत रहकर अपने पति की दीर्घायु होने की कामना करती है स्त्रियाँ चावल का ऐपन पीसकर दीवार पर करवा चौथ बनाती हैं जिसे वर कहतें है । इस करवा चौथ में पति के अनेक रूप बनाये जाते हैं तथा सुहाग की वस्तुएं जैसे चूड़ी , बिंदी , बिछुआ , मेहँदी और महावर आदि के साथ साथ दूध देने वाली गाय , करुआ बेचने वाली कुम्हारी , महावर लगाने वाली नाउन चूड़ी पहनाने वाली मनिहा...

केसरवानी युवा अंतरजातीय विवाह के पक्ष मै है?

सोशल नेट्वर्किंग साईट ऑरकुट मै मैंने एक Poll देखा मुझे काफ़ी हैरत हुई। प्रश्न था : Do you favor intercaste marriages? ( क्या आप अंतरजातीय विवाह के पक्ष मै है?) उत्तर के लिए दो विकल्प दिए थे । १. हाँ २. न । यह जान कर की 27 वोट में से 24 वोट अंतरजातीय विवाह के पक्ष मे थे यानि ८८ प्रतिशत केसरवानी युवा अपनी ही जाती की लड़की को विवाह के लिए उपयुक्त नही समझते, मुझे काफ़ी हैरत हुई । २०-३०% युवा ऐसा सोचते तो समझ मे आता पर 88 % ?? अब आप ही सोचिये ऐसा क्यों? कुछ वर्षों मे जैसे जैसे सूचना और संचार क्रांति आई है, वैश्वीकरण हुआ है, सबके हाँथ मे मोबाईल आया है किसी से भी संपर्क करना आसान हो गया है या तो फ़ोन के ज़रिये या फ़िर इन्टरनेट के माध्यम से। ऐसे मे मुझे लगता है आज के केसरवानी युवा खुल कर अपनी पसंद की लड़की से शादी करने के पक्ष मे हैं । अगर अपनी जाती मनपसंद लड़की मिली तो ठीक वरना अंतरजातीय विवाह मे भी उन्हें कोई बुराई नही दिखाई देती है। इस विषय पर कई प्रश्न उठ खड़े होते है जिसका जवाब केसरवानी समाज के लोगो को मिलजुल कर ढूंढ़ना होगा जैसे। आप निम्न प्रश्नों को के उत्तर ढूँढने की कोशिश ...
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छत्तीसगढ़ से श्री अश्विनी कुमार जी ने राज्य मे होने वाले केसरवानी समाज की गतिविधियों की कुछ और तस्वीरें भेजी है। मुझे हर्ष है की उनसे इतनी दूर बैठे हुए भी आज इस पत्रिका की वजह से दूर राज्य मे होने समाज की गतिविधियों से मैं परिचित हुआ हूँ और सारे विश्व के केसरवानी बंधू सभा के कार्यकलापों को तस्वीरों मे देख सकते है। इन तस्वीरों मे आप देखेंगे कि महिलाएं भी समाज के कार्यकलापों मे बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही है । श्रीमती सत्यभामा गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, केसरवानी महिला सभा श्रीमती कल्याणी केसरवानी, राष्ट्रीय महामंत्री, महिला सभा महिला सभा बैठक, भाटापारा २३ फरवरी, २००८ को छत्तीसगढ़ राज्य महासभा के पदाधिकारियों का शपथग्रहण समारोह , सारगढ़, छत्तीसगढ़ आदर्श परिचय एवं विवाह समारोह, अप्रैल २००८, भाटापारा, छत्तीसगढ़ पटना सम्मलेन मे कार्यकर्ता
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छत्तीसगढ़ राज्य केसरवानी वैश्य सभा के आयोजनों के छायाचित्र रायपुर सम्मलेन रायपुर सम्मलेन 2 रायपुर सम्मलेन सामूहिक विवाह कवर्धा इलाहबाद सम्मलेन आनंद मेला , भटगाँव आनंद मेला , चंपा सामूहिक आदर्श विवाह , कवर्धा प्रो अश्विनी केशरवानी उपरोक्त चित्रों को छत्तीसगढ़ राज्य केसरवानी वैश्य सभा के निवर्तमान अध्यक्ष एवं संरक्षक श्री अश्विनी कुमार जी ने भेजा है। पता : राघव , डागा कालोनी , चंपा , छत्तीसगढ़

Matrimonial : Akshai Gupta

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Name: Akshai Kumar Gupta Gotra: Kashyap Age : 30 years Hight: 5' 11" Qualification: Diploma in Electrical Engineering, Agra Job: Loco Pilot in Indian Railways Salary: 3 Lacs P.A. Family Details: Father: Jai Narain Gupta, Advocate Mother: Mrs. Neelam Gupta- (Housewife) Elder Sisters: Alka Gupta M.Sc. Maths- Married (Ambala) Akancha Kesarwani, M.A. Economics - Married (Lucknow) Address: 706, Rikabganj, Faizabad, Uttar Pradesh, India. Phone: 05278-220020 Mobile: 9452182586 (Sister-Akancha) Update from  Editor (25/01/2010) : Akshai Gupta has been engaged with Monika Kesari of Kanpur. Kesarwani Magazine wishes both of them a very happy married and blisfull life. Please do not respond to this matrimonial. Ad. Thanks.

प्रेरणादायक कुछ सदविचार

" होठों पर मुस्कान हर मुश्किल को आसान कर देती है " " आत्मोन्नति के लिए यदि अधिक से अधिक समय लगायें तो दूसरों की आलोचना करने का समय नही मिलेगा " " जीवन एक नाटक है , यदि हम इसके कथानक को समझ ले तो सदैव प्रसन्न रह सकते है ।" " आयु बढ़ने से या दुर्घटना से सुन्दरता नष्ट हो सकती है पर आत्मिक सुन्दरता कभी नष्ट नही होती है " " आज समाज , राष्ट्र व् विश्व की सबसे जटिल समस्याओं का एकमात्र हल है चरित्र निर्माण । चरित्र बिगड़ जाने पर कोई प्रतिष्ठा बाकी नही रहती " " जब आप क्रोधित होतें है तो आपकी सारी शक्ति नष्ट हो जाती है , अतः शक्ति का प्रयोग बुद्धिमता से करे ।" " यदि आप अकेले है तो आपका कोई महत्व नही , परन्तु यदि आप संगठन मे स्नेहशील , रमणीक , व सहयोगी होकर रहते हैं तो आप मूल्यवान है । " " मीठा बोलने मे एक कौडी भी नही खर्च होती है फ़िर कंजूसी क्यों ? सदा प्रेमयुक्त , मधुर , व सत्यवचन बोल...

केसरवानी समाज की पहली अपनी ऑनलाइन पत्रिका

आज विजयादशमी का शुभ अवसर है। आज मुझे बहुत हर्ष हो रहा है इस ऑनलाइन पत्रिका का शुभारम्भ करते हुए। केसरवानी समाज की इस ऑनलाइन पत्रिका को शुरू करने का विचार मैंने काफ़ी पहले बनाया था पर उसे मूर्त रूप देने मेंकुछ समय लग गया। देर सही पर दुरुस्त आए। मुझे इस ऑनलाइन पत्रिका की डिजाईन, शीर्षक, और उसके भविष्य की योजना बनाने में भी समय लगा। किसी भी समाज की उन्नति व्यक्तिगत नही होती बल्कि सामूहिक होती है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति उन्नति करेगा तो ही सम्पूर्ण रूप से वह समाज उन्नत कहलायेगा। आज भी केसरवानी समाज में बहुत से लोग है जो आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछडे हुए है। यदि हम अपने समाज को गौरवपूर्ण बनाना चाहते है तो समाज के सभी लोगों को अपने दूसरे बंधुओं की उन्नति के लिए यथासंभव प्रयास करना चाहिए। मैंने पाया है की केसरवानी समाज में बहुत से लोग थे और है जिन्होंने नाम और शोहरत कमाई है और केसरवानी समाज का नाम रोशन किया है। बहुत से केसरवानी बंधू भारत ही नही बल्कि विदेशो में भी जाकर समाज का नाम रोशन कर रहे है। तो मै बात कर रहा था समाज की उन्नति की... आज भी दूर दराज के गाँव और शहरों में केसरवानी सम...