Kesarwani Samaj Magazine motive is to unite all Kesarwanis, Keshri, Gupta's and Vaishya from the world and share their views and ideas and articles for the development of Kesarwani Samaj.
प्रकृति की सुन्दरता देखो बिखरी चारों ओर है कहीं पर पीपल कहीं अशोक कहीं पर बरगद घोर है लाल गुलाब से सुर्ख है देखो धरती के दोनों गाल लिली मोगरा और चमेली मचा रहे है धमाल देखो हिम से भरा हिमालय नंदा की ऊँची पर्वत चोटी कल कल करती बहती देखो गंगा यमुना की निर्मल सोती प्रकृति ने हम सबको दिया जीवन का अनुपम संदेश आओ मिटाए मन की दूरी दूर हटाये कष्ट कलेश ! रवि प्रकाश केशरी वाराणसी
आज विजयादशमी का शुभ अवसर है। आज मुझे बहुत हर्ष हो रहा है इस ऑनलाइन पत्रिका का शुभारम्भ करते हुए। केसरवानी समाज की इस ऑनलाइन पत्रिका को शुरू करने का विचार मैंने काफ़ी पहले बनाया था पर उसे मूर्त रूप देने मेंकुछ समय लग गया। देर सही पर दुरुस्त आए। मुझे इस ऑनलाइन पत्रिका की डिजाईन, शीर्षक, और उसके भविष्य की योजना बनाने में भी समय लगा। किसी भी समाज की उन्नति व्यक्तिगत नही होती बल्कि सामूहिक होती है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति उन्नति करेगा तो ही सम्पूर्ण रूप से वह समाज उन्नत कहलायेगा। आज भी केसरवानी समाज में बहुत से लोग है जो आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछडे हुए है। यदि हम अपने समाज को गौरवपूर्ण बनाना चाहते है तो समाज के सभी लोगों को अपने दूसरे बंधुओं की उन्नति के लिए यथासंभव प्रयास करना चाहिए। मैंने पाया है की केसरवानी समाज में बहुत से लोग थे और है जिन्होंने नाम और शोहरत कमाई है और केसरवानी समाज का नाम रोशन किया है। बहुत से केसरवानी बंधू भारत ही नही बल्कि विदेशो में भी जाकर समाज का नाम रोशन कर रहे है। तो मै बात कर रहा था समाज की उन्नति की... आज भी दूर दराज के गाँव और शहरों में केसरवानी सम...
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