आज विजयादशमी का शुभ अवसर है। आज मुझे बहुत हर्ष हो रहा है इस ऑनलाइन पत्रिका का शुभारम्भ करते हुए। केसरवानी समाज की इस ऑनलाइन पत्रिका को शुरू करने का विचार मैंने काफ़ी पहले बनाया था पर उसे मूर्त रूप देने मेंकुछ समय लग गया। देर सही पर दुरुस्त आए। मुझे इस ऑनलाइन पत्रिका की डिजाईन, शीर्षक, और उसके भविष्य की योजना बनाने में भी समय लगा। किसी भी समाज की उन्नति व्यक्तिगत नही होती बल्कि सामूहिक होती है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति उन्नति करेगा तो ही सम्पूर्ण रूप से वह समाज उन्नत कहलायेगा। आज भी केसरवानी समाज में बहुत से लोग है जो आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछडे हुए है। यदि हम अपने समाज को गौरवपूर्ण बनाना चाहते है तो समाज के सभी लोगों को अपने दूसरे बंधुओं की उन्नति के लिए यथासंभव प्रयास करना चाहिए। मैंने पाया है की केसरवानी समाज में बहुत से लोग थे और है जिन्होंने नाम और शोहरत कमाई है और केसरवानी समाज का नाम रोशन किया है। बहुत से केसरवानी बंधू भारत ही नही बल्कि विदेशो में भी जाकर समाज का नाम रोशन कर रहे है। तो मै बात कर रहा था समाज की उन्नति की... आज भी दूर दराज के गाँव और शहरों में केसरवानी सम...
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