toolbar powered by Conduit

Pages

Welcome To Kesarwani samaj Online Magazine केसरवानी ऑनलाइन पत्रिका में आपका हार्दिक स्वागत है पत्रिका के सभी पाठकों को होली की हार्दिक शुभ कामनाएं
श्री गणेशाय नमः


Saturday, January 2, 2010

कविता : नया साल

कविता : नया साल
नए साल में चली है देखो 
देखो चली इक नयी बयार,  
नए साल में नयी सौगातें 
लेके आया ख़ुशी अपार!

कुमकुम अक्षत रोली से 
कर लो तुम इसका सिंगार,
होंगी सब आशाएं पूरी 
लेगा करवट जीवन इकबार!

मन उल्लासित तन है पुलकित 
जग में छाया एक खुमार, 
नयी सुबह है नए साल में 
छाई देखो ख़ुशी अपार!


लेखक : रवि प्रकाश केशरी 
वाराणसी


0 comments: